Munawar Faruqi Standup Comedian को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं।

Munawar Faruqi Sandup Comedian को सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं।



 कॉमेडियन मुनव्वर फ़ारूक़ी 24 दिन से केंद्रीय कारागर में बंद है,जिला अदालत से जमानत ना मिलने पर मुनव्वर ने हाइकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया लेकिन इस कॉमेडियन को कहा मालूम था कि अदालत मेरे साथ ही "धप्पा" खेलेगी।


हाइकोर्ट की बेंच ने मुनव्वर केस की सुनवाई करने के बाद फैसले को सुरक्षित रख लिया,और माननीय जज साहब ने सुनवाई के वक़्त इस्तेमाल हुए लफ़्ज़ों ने दिखा दिया गया कि आपको मुस्लिम होने की सज़ा पुलिस ही नही अदालत भी देगी,परिणाम आप सभी के सामने है कि 24 दिन होने के बाद  भी पता नही कब तक केंद्रीय कारागार के रहना पड़े और जमानत मिलने के बाद मुनव्वर फ़ारूक़ी को इलाहाबाद की जेल भी काटनी पड़ेगी।


न्यायमूर्ति रोहित आर्य की सिंगल बेंच ने मुनव्वर केस की सुनवाई के दौरान कहा कि "आप अन्य लोगों की धार्मिक भावनाओं का अनुचित लाभ क्यों उठाते हैं,आपकी मानसिकता में ऐसा क्या है? आप अपने व्यवसाय के उद्देश्य के लिए यह कैसे कर सकते हैं?"


फ़ारूक़ी की तरफ़ से हाज़िर हुये वकील विवेक तन्खा ने कहा कि "उन्होंने इस मामलें में कोई अपराध नहीं किया है,उसे ज़मानत दी जानी चाहिये,"

न्यायमूर्ति रोहित आर्य ने कहा, "ऐसे लोगों को बख़्शा नहीं जाना चाहिए,योग्यता के आधार पर इस आदेश को सुरक्षित रखूंगा,"



जिस बेंच ने मुनव्वर को कहा कि ऐसे लोगों को बख्शा नही जाना चाहिए उसी बेंच की आंखों के सामने कानों के बराबर में पिछले महीने मस्जिद में गुंडों ने उत्पात मचाया,मुस्लिम घरों को नुक़सान पहुंचाया,मज़ार को भगवा रंग से पोत दिया गया, मुस्लिम घरों में तोड़फोड़ कर लूटपाट कर ली गई लेकिन बेंच की मज़ाल कि कह सके मस्जिद पर हमला करने वालो को बख़्शा नही जाना चाहिए,उन पर NSA लगना चाहिए, उनको छोड़ेंगे नही आदि वादी फलाना वलाना ढिमका विमका।


मेरा सवाल इसी बेंच से है कि जब पुलिस ने जांच में साफ़ कर दिया कि मुनव्वर के विरुद्ध ऐसा कोई विज़ुअल्स नही जिससे साबित हो सके कि अमित शाह व देवी देवताओं पर अमर्यादित टिप्पणी की गई हो तो मुनव्वर को जेल में क्यो रखा जा रहा है?क्या इसलिए कि वह समुदाय विशेष से ताल्लुक रखता है?क्या इसलिए जेल में रखा जा रहा है कि उसने अपने फ़न से अलग पहचान बना रखी है तो उसको जेल में डाल भविष्य के पहिये में जंजीरें डाल दी जाये?या ये कहा जाये कि मुनव्वर पर उस नेता पर टिप्पणी करने का आरोप है जो इशारों पर ना चलने की वजह से आपको कभी भी आपको लोया बना सकता है?


Post a Comment

0 Comments